17 मार्च 2017 का लेखन
ट्रेन की यात्रा हमेशा नये दोस्त बनाती है, कभी कभी कुछ अच्छे नग़्मे भी बन जाते है
लम्बे सफर हो तो हमेशा कहानियां बनती है, किस्से होते है कुछ ऐसा ही है ये भी
तो कभी वो सह यात्री जो ऊपर की सीट पर बैठ कर गाने सुनने का नाटक करता है, मगर असल में उसे नीचे बैठे परिवार की नोंक झोंक का मजा लेते मंद मुस्कान के साथ देखा जा सकता है।
मुझे उस से भी प्यार हुआ जो मेरा पर्स ले भागा पहले तो खूब दुःख हुआ फिर उस से भी प्यार हो गया, ये एक तरफ का प्यार नही था
उसे मेरा गुलाबी छुटको पर्स पसन्द आया होगा , ऐसा अब लगता है उसमें समुद्र के किनारे की रेत और 500 rs डायरी थी
उसे पसंद आया वो ले गया मुझे पता भी नही चला , ये प्यार ही तो था ट्रेन में अक्सर प्यार होता है आप नही समझेंगे अभी पहले याद कीजिये फिर समझ आ जायेगा
शायद
मेरे सफर कि #चार #चाँद #चन्द मुलाकाते
मेरे नाना के साथ जो सफर रहे उन में सब से खास था , उनकी चाय 3 rs और मेरा समोसा भी 3 rs और उनका कच्चे प्याज को लोकल ट्रेन की लकड़ी वाली सीट जिसको फ़ाटकरी जैसा कुछ बोलते है , उस पर प्याज को रख कर हाथ से मारकर दो टुकड़े करना यही नही खाने में सब घर की आचार सब्जी के बाद भी प्याज न हो तो खाने का स्वाद फीका ओर लोकल में किसी को प्याज की दुर्गंध नजर नही आती सभी एक से होते है मिलबांट कर खाने वाले
#ज़िन्दगी लोकल से थोड़ा सा ऊपर उठ कर....
वो गदे वाली सीट पर दादाजी उनके साथ घर जाने पर ट्रेन रात के 9 बजे की हुआ करती होगी ।
घर से खाना अमूमन खा कर ही जाते है, मगर में खाने के बाद फिर से खा लेती हूँ आज भी ........
टिफिन वो खरगोश की शक्ल वाला मेरा .....उस में माँ एक मीठा और एक नमकीन पराठा रखती थी, जानती थी की मेरे साथ मेरे दादा भी खा लेंगे और हम रात के 12 या 1 बजे खाया करते थे ।
वो अपने साथी कर्मचारियों के साथ बातचीत करने के लिए अक्सर उनके साथ रात में चाय पीते थे मेरे दादा टी सी थे , खिड़की के बाहर पीले कलर का बल्ब जलता था और चाय पर बाते और फिर जब ट्रेन चालती तो चाँद मेरा पहला प्यार वो भी मेरे साथ होता था मैंने बहुत सी राते चाँद के साथ बिताई कभी अच्छी कभी बुरी अब हम सभी फोन को #मूनलाइट बना अपने कमरो में होते है मैं भी ...मैं सिर्फ यात्रा के दौरान चाँद से मिलती हूँ । अपनी घर की छत से चाँद से सिर्फ 1 मिनट की मुलाकात होती है , वो भी तब जब छत पे कोई काम हो
" खेर में ट्रेन पे थी बस खाना खत्म और में अपनी दादी के पास ...
मेरे ददिहाल में छत बहुत अच्छी है .......नही नन्हीहाल की ये कहना मुश्किल है, एक तरफ से ट्रेन की आवाज आती है और दूसरी तरफ से शेर की हम्म सही पढ़ रहे है , मेरा घर दोनों के बीच रहा एक तरफ से गाड़ियों का शोर भी ...............
ट्रेन के सफर से शायद भटक गई न जाने आज सब कैसे याद आये ट्रेन के सफर में गाड़ी में एक डिबा होता है , मालगाड़ी जैसा जिसमें गाड़िया लुहार थे , मैने उनके साथ भी सफर किया एक दफा तो कहते हैं ...... मैं गाड़ी के नीचे आने वाली थी बताओ ऐसे भी होता है भला जीवन जिंदगी यात्रा और अंत ............
एक यात्रा में तो राजधानी के कूपे में प्रेम हुआ , इस तरह के प्रेम प्रसंग अक्सर घातक होते है ... आप तो खिड़की के बाहर के चाँद को साथ में निहार रहे हो भविष्य की कल्पनाओं में इतना लीन हो की लोग आपको निहार रहे ........हो की ये कैसा प्यार है अदभुत
अभी कुछ देर पहले ही मिले थे हम ........
अब दोनों साथ सोने की जिद कर बैठे है एक ही और से चाँद का दीदार होता है ,और उस रात मेरी और था ......
उसे मेरे साथ आना पड़ा शायद मजबूरी हो ...वैसे आइसक्रीम फ्री मिलती है खाने के साथ वो में 2 खाती हूँ एक मेरी और एक Dileepkumar पिताजी की उस दिन भी 2 थी ।
मेरे पास कलर्स भी थे , और डायरी भी .
और क्या चाहिये ...... एक साथ रहने के लिऐ बहुत ही जल्दी हमारी दोस्ती हुई ..... वैसे तो में ब्राह्मण हूँ अंडे खाना और देखना पाप होता था ,
वो अंडे खाकर मेरी सीट पर आया था लड़ने के लिए ये बात काफी थी मगर हम लड़े नही दोस्त बन गए ।
नाम याद नही उसका वो 3 से 4 साल का होगा और मैं याद नही मैं बड़ी थी उम्र नही बताती लड़कियां में भी ऐसा कर रहीे हूँ , प्यार की कोई उम्र नही होती वो अहमदाबाद की ट्रेन थी .. हम पूरी रात सोये नही drwaing की चाँद की बाते और फिर सो गए ।
सुबह उसकी माँ ले गई उसे ...........
माँ बताती है कि मुझे उठाया गया था मगर मैं उठी नही वो लोग उतर गए। वो बहुत क्यूट था , और मैं तो हूँ ही अब भी ट्रेन की बहुत सीे यादें हैं ।किताब लिख सकती हूँ , शायद आपको भी पसन्द आ्येगी ।
हम सब को डायरी लिखनी चाहिए , मेरे बचपन में समोसा 3 का था और क्रीम रोल 4 का आज 20 और 15 के हो गये हैं ...... #यादें #जिंदगी #सफर #ट्रेन ये वीडियो अब तक का सबसे
https://fb-l-a-a.akamaihd.net/h-ak-fbx/v/t42.1790-2/17345152_1859490110931825_1972179429622808576_n.mp4?efg=eyJ2ZW5jb2RlX3RhZyI6InN2ZV9zZCJ9&oh=af23700d913a996aca541b57c9b29640&oe=5A2B0E91&__gda__=1512771633_a86006ad3169f29e31a5b01dfdfe40ed
उम्दा वीडियो है ....शायद जिनका आईडिया है , वो ट्रेन के सफर से प्यार करते हो मेरी तरह ...